जेके पेपर का Corrugated पैकेजिंग प्लांट दिसंबर 2022 में शुरू होगा; प्रति वर्ष 50,000 टन बॉक्स बनाने की होगी क्षमता

Total Views : 3,900
Zoom In Zoom Out Read Later Print

जेके पेपर पैकेजिंग प्लांट स्थापना के लिए 150 करोड़ रुपये का निवेश करेगा

जेके पेपर का Corrugated पैकेजिंग प्लांट दिसंबर २०२२ में शुरू होगा;  प्रति वर्ष 50,000 टन बॉक्स बनाने की होगी क्षमता

जेके पेपर पैकेजिंग प्लांट स्थापना के लिए 150 करोड़ रुपये का निवेश करेगा

नई दिल्ली | 30 जुलाई 2021 | द पल्प एंड पेपर टाइम्स:

अगले पांच वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था के 2.5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के मौजूदा आधार से USD 5 ट्रिलियन जीडीपी को छूने का अनुमान है, जो पैकेजिंग और corrugated बॉक्स की मांग को कई गुना बढ़ा देगा। COVID महामारी के प्रभाव ने पहले ही कई पेपर मिलों के उत्पादन को लेखन और छपाई से क्राफ्ट पेपर की ओर मोड़ दिया है, अब भारत में कागज बनाने वाली बड़ी कंपनियां corrugated बॉक्स उत्पादन में उद्यम कर रही हैं, इस पंक्ति में, जेके पेपर ने पैकेजिंग व्यवसाय में कदम बढ़ाने का निर्णय लिया है। 

जेके पेपर के सूत्रों ने द पल्प एंड पेपर टाइम्स को बताया, “हां, जेके पेपर के बोर्ड ने पंजाब में corrugated पैकेजिंग संयंत्र की स्थापना के लिए 150 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दी है; इस संयंत्र के दिसंबर 2022 तक वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। संयंत्र की क्षमता प्रति वर्ष 50,000 टन बॉक्स बनाने की होगी ।

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने 150 करोड़ रुपये के नियोजित निवेश के साथ राज्य में पहली बार प्रवेश करने वाले जेके ग्रुप का स्वागत करते हुए 4th August  को लुधियाना में हाई-टेक वैली में लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से 17 एकड़ जमीन आवंटित करने का एक पत्र सौंपा। 

पोस्ट lockdown के बाद बॉक्स मेकिंग के लिए कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी के सवाल पर, सूत्रों का कहना है, कॉरगेशन उद्योग की स्थिति कोविड के दौरान कागज, पैकेजिंग या किसी अन्य उद्योग से अलग नहीं है। वर्ष 2020 और 2021 में लॉकडाउन के कारण सभी उद्योग कम से कम 4-6 महीने के लिए कोविड के कारण प्रभावित हुए। कम मांग के परिणामस्वरूप दोनों वर्षों में प्रथम तिमाही और दूसरी तिमाही में घाटा हुआ। रद्दी कागज के कम इक्कठा होने और कंटेनर ना उपलब्ध होने के कारण, भारत से चीन को क्राफ्ट पेपर के निर्यात के परिणामस्वरूप क्राफ्ट पेपर की भारी कमी हो गई और कॉरिगेशन उद्योग के लिए कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि हुई। ई-कॉमर्स में तेजी और कोविड के मामलों में कमी के साथ, आगे चलकर मांग बहुत बेहतर होनी चाहिए।


See More

Latest Photos